Thursday, 21 February 2019

क्या राजस्थान में Nrhm संविदा कार्मिक स्थायी होने वाले हैं?

                   
        


        क्या राजस्थान में एनआरएचएम के संविदा कार्मिक स्थाई होने वाले हैं? क्या राजस्थान सरकार अपने आने वाले लोकसभा चुनाव में उम्दा प्रदर्शन के लिए विधानसभा चुनाव में संविदा कर्मी को की स्थाई करने के वादे को निभा कर दिखाएगी,ताकि इन संविदा कार्मिकों के दिन करने लगे और 25 लोकसभा सीटों पर वह अच्छा प्रदर्शन कर सके इसी मुद्दे की तह तक जाकर हम मुद्दे की सच्चाई को भी बाकी से आपके सामने रखने का प्रयास किया है । इस वक्त राजस्थान में कुल दो लाख से अधिक संविदा कार्मिक अल्प मानदेय पर विभिन्न सरकारी महकमों में अपनी सेवाएं देकर शोषण का एक लंबा दंश झेल रहे । लेकिन इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है हालांकि वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने पिछले कार्य काल में जाते वक्त इनके लिए 10 20 30 अंकों के आधार पर स्थाई करने का प्रयास जरूर किया था लेकिन वह भर्तियां चुनावी भर्तियां ही साबित हुई।
       हाल ही में 15 फरवरी 2019 को सीकर जिले से एक अधिवेशन का आयोजन इन संविदा कार्मिकों ने किया। इस अधिवेशन में इन संविदा कार्मिकों के लिए सबसे बड़ी बात यह रही कि राजस्थान में एनआरएचएम संविदा कार्मिकों की सबसे पुरानी और विश्वसनीय एसोसिएशन नियर अर्थात एनआरएचएम इंप्लाइज एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष ने भी इस अधिवेशन में शिरकत दी और स्थायीकरण के लिए कमर कसने का आह्वान किया।
       दूसरा यह अधिवेशन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा कि इस अधिवेशन में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री वह सांसद सुभाष महरिया ने भी शिरकत दी। ऐसे में यह अधिवेशन राजस्थान में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत संविदा कार्मिकों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है। ऐसा इसलिए कि श्री सुभाष महरिया राजस्थान में कांग्रेस में शामिल होकर संकटमोचक साबित हो रहे हैं और उनका हर एक कदम हर एक वायदा सरकार और कांग्रेस के लिए अच्छा बनकर उभर रहा है।

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