Friday, 22 February 2019

पुलवामा हमला पाकिस्तान ने नहीं किया!| पुलवामा हमले पर बुरी फंसी मोदी सरकार!

            

    क्या यह सही है कि पुलवामा में हुआ आतंकी हमला या इस तरह के अन्य हमने राजनीतिक थे ?अगर नहीं, तो क्या यह सही है कि पुलवामा हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी निजी टीवी चैनल के लिए शूटिंग कर रहे थे? इस एपिसोड में हम इसी मुद्दे की तह तक जाकर बेबाकी से सच आपके सामने रखने का प्रयास करेंगे। मामला वाकई गंभीर है और जो गंभीर होता है वह अच्छा नहीं होता । फिल्म की शूटिंग का आरोप हम नहीं बल्कि देश की सबसे पुरानी और वर्तमान में विपक्ष के रूप में भूमिका अदा कर रही कांग्रेस लगा रही है। 
     ऐसे में क्या यह मामला वाकई गंभीर नहीं हो जाता हालांकि इसके बचाव में एक मैसेज भी व्हाट्सएप पर वायरल किया जा रहा है । इससे पहले कि हम आगे बढ़े आपको बता दें कि कांग्रेस के आरोपों के बचाव में बीजेपी ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डाली। कांग्रेस के अनुसार पुलवामा हमले की खबर 3:10 पर आ चुकी थी लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम 6:45 तक न केवल शूटिंग करते हैं बल्कि चाय नाश्ते का भी लुत्फ उठाते हैं । जबकि bjp के रवि शंकर प्रसाद कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कार्यक्रम सरकारी था। ऐसे में कांग्रेस का सवाल यह भी है कि खबर होने के बावजूद प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा नहीं की क्योंकि ऐसा करने से सरकारी खर्चे पर होने वाली सभी गतिविधियां रुक जाती । 
      कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्राथमिक स्रोत के तौर पर सबूत के रूप में अमर उजाला 16 फरवरी के नैनीताल एडिशन की प्रति की फोटो पेश की। ऐसे में क्या यह बड़ा सवाल नहीं है कि इंडिया का पीएम जहां हो और वहां खराब मौसम के कारण संपर्क में हो पाए ! आप खुद सोचिए कि क्या यह खराब मौसम का बहाना ठीक है स्वीकार्य है ? खबर यह भी आई थी कि मोदी ने 5 से 5:30 के बीच वहीं से एक रैली का को संबोधित किया था मोबाइल से । जब मैंने इस इंटरनेट पर सर्च किया तो नवभारत टाइम्स की वेबसाइट पर पता चला कि हां पुलवामा हमले के बाद पीएम मोदी ने 5:15 पर मोबाइल फोन के जरिए एक रैली को संबोधित किया था और 5 से 7 मिनट में अपनी बात पूरी कर डाली पुलवामा हमले के बाद कांग्रेस ने पांच मुख्य सवाल बीजेपी के सामने रखे लेकिन निम्नलिखित सवालों में से एक भी सवाल का कांग्रेस ने अभी तक उत्तर प्राप्त नहीं किया है ।

1. प्रधानमंत्री इस हमले को लेकर NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार) और गृह मंत्री की विफलता क्यों स्वीकार नहीं करते?
2. सरकार को यह बताना चाहिए कि आतंकियों तक रॉकेल लॉन्चर और RDX कैसे पहुंचा।
3. पुलवामा हमले से 48 घंटे पहले आए आतंकियों के वीडियो को नजरंदाज क्यों किया गया और 8 फरवरी के सुरक्षा अलर्ट पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया?
4. सरकार और गृह मंत्रालय ने सेना और CRPF जवानों को विमान से भेजने के आवेदन को खारिज क्यों किया?
5. मोदी सरकार के 56 महीनों में 488 जवान शहीद हो गए। नोटबंदी से आतंकी हमले बंद क्यों नही हुए?
   आप खुद सोचिए कि आखिर भारतीय जनता पार्टी इन सवालों के जवाब देने से क्यों कतरा रही है? वैसे जो मैसेज वायरल हो रहा है उसमें भी साफ हो चुका है कि जिक्र की गई स्थिति पीएम के शाम दिल्ली पहुंचने की बात की है साफ है। स्थितियां कुछ नहीं बल्कि बहुत कुछ गड़बड़ तो जरूर है।

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