Monday, 21 January 2019

महिला सशक्तिकरण!


नमस्कार मुद्दों के सही और सटीक और समुचित निष्पक्षता के साथ विश्लेषण के लिए आप बने हैं डॉ. नीरज मील के साथ. 



महिला सशक्तिकरण! सुनने में नाम और स्थिति भले ही अजीब लगे लेकिन हाल ही में राजस्थान में आई कोंग्रेस की अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार ने इस सिलसिले में दो महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। इस एपिसोड में हम सरकार के इन्हीं दो कदमों का विश्लेषण करेंगे और तह तक जाकर यह जानने का प्रयास भी करेंगे कि क्या वास्तव में सरकार के ये निर्णय इस दिशा में कारगर साबित होंगे!

राजस्थान सरकार का दूसरा कदम -

गहलोत सरकार ने लोकसभा चुनाओं की नजदीकी के चलते खेला  महिला आरक्षण का नया दांव। इसी के चलते विधानसभा के इसी सत्र में आ सकता है 33 फीसदी महिला आरक्षण बिल।
    जी हाँ मोदी सरकार के आर्थिक आधार पर सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने के जवाब में गहलोत सरकार ने भी राजस्थान में नया दांव खेला है। विधानसभा के इसी सत्र में राज्य सरकार विधानसभा में 33 फीसदी महिलाओं को आरक्षण देने का बिल ला सकती है। इसके संकेत शुक्रवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने दिए। मिडिया में आई खबरों के अनुसार एक दिन पहले राज्य केबिनेट की बैठक में इस पर आम सहमति बन चुकी है।
सीएम अशोक गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सोनिया गांधी ने लंबे समय तक इस मुद्दे को लेकर अपनी आवाज बुलंद की थी। बिल लोकसभा में पास हुआलेकिन राज्यसभा में अटक गया। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की मंशा है कि कांग्रेस शासित सभी राज्यों में इस प्रस्ताव को पारित किया जाए। पंजाब विधानसभा में यह कदम उठाया जा चुका है अब राजस्थान में इस दिशा में तैयारी हो गई है। आइये अब जानते हैं क्या होगा इसका असर?
महिलाओं को राजनीति में मिलेगा मौका
उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की मंशा के आधार राजस्थान विधानसभा में सरकार इस प्रस्ताव को लेकर आएगी। भाजपा ने 5 साल तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। इससे साबित होता है कि महिलाओं सशक्तिकरण को लेकर उनकी सोच क्या है।
इस कदम से ना केवल महिलाओं को राजनीतिक तौर पर आगे बढऩे का मौका मिलेगाबल्कि सामाजिक तौर पर भी उनकी स्थिति और बेहतर और मजबूत हो सकेगी। इसी के साथ समाज में महिलाओं को शिक्षा में अवसर आरक्षित हो जायेंगे।

दोनों ही निर्णयों में से पहला शिक्षा तो दूसरा राजनीति और शिक्षा दोनों ही क्षेत्रो में महिलाओं को आरक्षण मिल जाएगा लेकिन महिलाओं की सुरक्षा, संबलता एवं सशक्तिकरण को लेकर हम आश्वस्त हो जाए तो ये जल्दबाजी होगी ।
इस एपिसोड में इतना ही मिलते हैं एक नए मुद्दे की तह तक जाने के लिए। मुद्दों के सही सटीक और समुचित विश्लेषण के लिए आप बने रहे डॉ. नीरज मील के साथ के साथ क्योंकि हम पहुचेंगे प्रत्येक मुद्दे की तह तक। फिलहाल अपने दोस्त डॉ. नीरज मील को दीजिए इजाजत शुक्रिया।

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